कुंडली मिलान के प्रश्न

अलग-अलग कैलकुलेटर अलग गुण क्यों देते हैं?

एक ही वर-वधू के लिए दो साइटों पर अलग अंक आना आम है। इसके पीछे के मुख्य कारण।

कुंडली मिलान कैलकुलेटर →नाड़ी दोष →मांगलिक परिहार →

1. जन्म समय और नक्षत्र की सीमा

गुण मिलान चंद्रमा की राशि और नक्षत्र पर टिका है। चंद्रमा लगभग हर एक दिन में एक नक्षत्र (13°20′) पार करता है। यदि जन्म के समय चंद्रमा किसी नक्षत्र या राशि की सीमा के पास था, तो कुछ मिनट का अंतर भी नक्षत्र या राशि बदल सकता है — और तारा, योनि, गण, भकूट व नाड़ी के अंक बदल जाते हैं।

2. अयनांश का अंतर

अधिकतर भारतीय साइटें लाहिड़ी अयनांश उपयोग करती हैं, पर कुछ रमन, के.पी. या अन्य अयनांश लेती हैं। इनमें एक अंश से अधिक का अंतर हो सकता है, जो सीमा के पास के चंद्रमा का नक्षत्र बदल देता है। Astravya ट्रू लाहिड़ी (चित्रापक्ष) अयनांश उपयोग करता है।

3. समय क्षेत्र और स्थान

गलत जन्म स्थान, पुराना समय क्षेत्र या ग़लत AM/PM से भी चंद्रमा की स्थिति बदलती है। दोनों जगह एक ही समय और स्थान भरा है, यह पहले जाँचें।

4. कूट गिनने की तालिकाएँ

वश्य और योनि के अंक देने की तालिकाएँ परंपराओं में थोड़ी अलग हैं। कुछ साइटें वश्य राशि से, कुछ अलग नियम से गिनती हैं; योनि में भी कुछ आधे अंक का अंतर रहता है। दक्षिण भारत की दस पोरुथम विधि अष्टकूट से बिल्कुल अलग है, इसलिए उसकी तुलना 36 गुणों से नहीं की जा सकती।

5. परिहार लागू करना

कुछ कैलकुलेटर नाड़ी या भकूट दोष का परिहार होने पर अंक वापस जोड़ देते हैं, कुछ अंक 0 रखकर परिहार अलग से लिखते हैं। Astravya अंक 0 रखता है और परिहार की स्थिति अलग से समझाता है।

क्या करें?

दोनों साइटों पर चंद्र राशि और नक्षत्र मिलाएँ। यदि वे एक ही हैं और फिर भी अंक अलग है, तो अंतर कूट तालिका या परिहार नियम में है। यदि वे अलग हैं, तो जन्म समय या अयनांश कारण है। कोई भी अंक विवाह की सफलता की गारंटी नहीं है।

ज्योतिष पारंपरिक व्याख्या है, वैज्ञानिक निश्चितता नहीं। स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक निर्णयों के लिए योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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