आठ कूट
वर्ण 1, वश्य 2, तारा 3, योनि 4, ग्रह मैत्री 5, गण 6, भकूट 7 और नाड़ी 8 — कुल 36 गुण। ये दोनों की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र से गिने जाते हैं।
अंकों की व्याख्या
परंपरा में सामान्यतः 18 से कम गुण कमज़ोर, 18–24 मध्यम और 24 से अधिक अच्छे माने जाते हैं। नाड़ी और भकूट दोष पर अलग से ध्यान दिया जाता है।
सीमाएँ
गुण मिलान केवल चंद्रमा पर आधारित है; पूरी कुंडली, आपसी समझ और जीवन मूल्य इससे कहीं अधिक मायने रखते हैं। यह पारंपरिक मार्गदर्शन है, गारंटी नहीं।
यह लेख पारंपरिक ज्योतिषीय व्याख्या पर आधारित सामान्य जानकारी है, वैज्ञानिक भविष्यवाणी या पेशेवर सलाह नहीं।