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लग्न क्या है? कुंडली में लग्न का महत्व

लग्न (Ascendant) क्या होता है, इसकी गणना कैसे होती है और कुंडली में इसे सबसे महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है — सरल हिन्दी में।

लग्न का अर्थ

जन्म के क्षण पूर्वी क्षितिज पर जो राशि उदित हो रही होती है, उसे लग्न कहते हैं। यही कुंडली का पहला भाव बनता है और बाकी ग्यारह भाव इसी से क्रम में गिने जाते हैं।

गणना कैसे होती है

लग्न लगभग हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए इसके लिए जन्म का सही समय और स्थान (अक्षांश-देशांतर) आवश्यक है। अस्त्रव्य लाहिरी अयनांश से निरयन लग्न की गणना करता है।

यदि जन्म समय ज्ञात न हो, तो लग्न और भाव विश्वसनीय नहीं रहते; तब चंद्र राशि से विचार किया जाता है।

परंपरा में महत्व

परंपरा में लग्न को शरीर, स्वभाव और जीवन की सामान्य दिशा का सूचक माना जाता है। लग्नेश (लग्न का स्वामी ग्रह) की स्थिति भी साथ में देखी जाती है।

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यह लेख पारंपरिक ज्योतिषीय व्याख्या पर आधारित सामान्य जानकारी है, वैज्ञानिक भविष्यवाणी या पेशेवर सलाह नहीं।