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वैदिक ज्योतिष की मूल बातें, सरल हिन्दी में — पारंपरिक व्याख्या, बिना डर और बिना अतिशयोक्ति।
लग्न क्या है? कुंडली में लग्न का महत्व
लग्न (Ascendant) क्या होता है, इसकी गणना कैसे होती है और कुंडली में इसे सबसे महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है — सरल हिन्दी में।
पढ़ें →चंद्र राशि और सूर्य राशि में अंतर
वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि को प्रमुख क्यों माना जाता है और यह पश्चिमी 'सन साइन' से कैसे अलग है — जानिए विस्तार से।
पढ़ें →विंशोत्तरी दशा सरल भाषा में
विंशोत्तरी दशा का 120 वर्ष का चक्र, महादशा-अंतर्दशा का क्रम और जन्म नक्षत्र से इसकी शुरुआत — आसान उदाहरण के साथ।
पढ़ें →मांगलिक दोष: सच और भ्रम
मांगलिक दोष का पारंपरिक नियम, दोष भंग की स्थितियाँ और इससे जुड़े आम भ्रम — बिना डर के, तथ्यों के साथ।
पढ़ें →पंचांग के पाँच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण
पंचांग के पाँचों अंग क्या हैं, इनकी गणना सूर्य-चंद्र से कैसे होती है और मुहूर्त में इनका उपयोग — सरल हिन्दी में।
पढ़ें →कुंडली मिलान में 36 गुण का अर्थ
अष्टकूट मिलान के आठ कूट, 36 गुणों का बँटवारा और अंक क्या बताते हैं, क्या नहीं — विवाह से पहले जानें।
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